Namskar दोस्तों स्वागत हैं आपका अपनी आर्टिकल चलते चले में दोस्तो आज हम बात करने वाले हैं महात्मा गांधी के जीवनी के बारे ,महात्मा गांधी कौन थे ?महात्मा गांधी का जन्म कहा हुआ था इत्यादि के बारे में जानेंगे।दोस्तों आपसे अनुरोध हैं की आप अंत तक बने रहेंगे।
जिससे आपको सरी जानकारी हमरे आर्टिकल से मिल जाए चलिए सुरु करते हैं आज का ये artical
भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में महात्मा गांधी का मूल योगदान है। जिस प्रकार अमेरिका स्वतंत्रता संग्राम में जॉर्ज वॉशिंगटन, इटली के एकीकरण में गैरीबाल्डी,वियतनाम में हो ची मिन्ह का नाम राष्ट्र-निर्माण के साथ जुड़ा है, उसी प्रकार महात्मा गांधी का नाम भी भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन और राष्ट्र निर्माण के साथ जुड़ा हुआ है। उन्हें भारतीय राष्ट्र का पिता( FATHER OF INDIAN NATIONAL)
कहा जाता है ।उन्हीं के नेतृत्व में राष्ट्रीय आंदोलन का निर्णायक चरण आरंभ और समाप्त हुआ। 1915 से 1948 तक भारतीय राजनीति में उनकी प्रमुख भूमिका रही ।औपनिवेशिक शासन से मुक्ति के लिए उन्होंने राष्ट्रीय आंदोलन में दो नए अस्त्रों,सत्याग्रह और अहिंसा , का उपयोग किया।
उनके निर्देशन में चला राष्ट्रीय आंदोलन का चरण गांधीजी युग के नाम से जाना जाता है।
आरंभिक जीवन।
महात्मा गांधी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था। उनका जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के परोबंदर में हुआ था। उनके पिता करमचंद गांधी राजकोट रियासत के दीवान थे। गांधीजी का माता का नाम पुतलीबाई था गांधी जी को बचपन से ही अनुशासित ढंग से रखा गया और उनमें सत्य और अहिंसा की भावना जगाई गई। उनकी आरंभिक शिक्षा राजकोट में ही हुई। बैरिस्टरी की शिक्षा प्राप्त करने के लिए वे विलायत गए। शिक्षा प्राप्तकर 1891 में वे स्वदेश लौटे।( INDIA) उन्होंने बंबई में वकालत आरंभ की।
1893 में एक मुकदमे के सिलसिले में वे दक्षिण आफ्रीका गए। वहां की गोरी सरकार प्रवासी भारतीयों के साथ रंगभेद की नीति अपना रही थी वहां की। भारतीयों के साथ किए गए दुर्व्यवहार के खिलाफ उन्होंने सफल संघर्ष किया।दक्षिण अफ्रीका में ही उन्होंने सत्याग्रह का सफल प्रयोग किया। उनके संघर्ष के परिणामस्वरूपब्रिटिश सरकार को प्रवासी भारतीयों को अनेक सुविधाएं देनी पड़ी। इस समय से 1915 तक का समय गांधी जी ने विदेश में ही व्यतीत किया। दक्षिण अफ्रीका में हुए भारतीय समुदाय के नेता बन गए। इतिहासकार चंद्रन देवनेसन के शब्दों में , दक्षिण अफ्रीका ने ही गांधीजी को 'महात्मा' बनाया। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान 1915 में वे भारत वापस लौटे। युद्ध में उन्होंने अंग्रेजी सरकार को अपना समर्थन भी दिया। उनकी सेवाओं के बदले में सरकार ने उन्हें कैसर-ए-हिंद की उपाधि से विभूषित भी किया। 1916 में गांधीजी ने आहमदाबाद में 'साबरमती आश्रम' की स्थापना कि को उनकी गतिविधियों का केंद्र बन गया।
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| महात्मा गांधी के जीवनी गंधीजी के जीवनी भारतीय राजनीति में गांधीजी का पदार्पण |
भारतीय परिसद अधिनियम(the Indian council act ) पारित किया गया जिसमें मुसलमानों के लिए संप्रदायिक निर्वाचन की व्यवस्था की गई। यद्यपि मध्य वर्ग के बीच भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का प्रचार हो रहा था, परंतु कांग्रे स्वयं दो गुटो-नरमपंथी और गरमपंथी में बांटी गई थी।
1960 के सूरत अधिवेशन में दोनों अलग हो गए। कांग्रेस के अंदर नरमपंथी का प्रभाव बना रहा। नरमपंथी के प्रमुख नेता दादाभाई नरोजी फिरोजशाह मेहता सुरेंद्रनाथ बनर्जी और गोपाल कृष्ण गोखले थे।
गरम पंथी में लाला लाजपत राय बाल गंगाधर तिलक और बिपिन चंद्र पाल प्रमुख थे। इनका त्रिकूट लाल बाल और पाल के रूप में विख्यात था। नरमपंथी क्रमिक रूप से सुधारो और स्वशासन की मांग कर रहे थे जबकि गरमपंथी अंग्रेजी शासन के विरुद्ध कांग्रेस से अधिक प्रभावशाली नीति अपनाने की मांग कर रहे थे। तिलक ने स्पष्ट शब्दों में कहा, स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और इसे मैं लेकर रहूंगा।"
गांधी जी नरमपंथी विचारधारा से प्रभावित थे।गोखले गांधी जी के राजनीतिक गुरु थे। मोहम्मद अली जिन्ना भी गांधी जी के राजनीतिक परमरसदता थे , क्योंकि दोनों ही वकालत के व्यवसाय से जुड़े थे और दोनों का मूल निवास स्थान गुजरात था।गांधी जी ने गोख से प्रभावित होकर उन्हें अपना राजनीतिक गुरु बनाया था। गोखले ने गांधी जी को सुझाव दिया था कि वह 1 वर्ष तक संपूर्ण भारत की यात्रा करें जिससे इस देश और यहां के निवासियों को वे समझ सकें।
और भी वाक्य है जो कि ज्यादा बड़ा होने के कारण नहीं लिख रहा हु और jankari के लिए कॉमेंट कीजिएगा जिससे मै और भी गांधी जी के बारे में लिखूंगा thank you
- महात्मा गांधी का जन्म- 2 अक्टूबर 1869 मैं हुआ था।
- महात्मा गांधी का जन्म गुजरात की पोरबंदर में हुआ था।
- महात्मा गांधी का पिता करमचंद गांधी थे।
- महात्मा गांधी की माता पुतली बाई था।
- महात्मा गांधी की पत्नी का नाम कस्तूरबा गांधी था।
- महात्मा गांधी का मृत्यु 30 जनवरी 1948 ईस्वी में हुआ।
- गांधी जी को नाथूराम गोडसे ने गोली मारी थी।
- नाथूराम हिंदू राष्ट्रवाद का कट्टर समर्थक था।
- गांधी जी की हत्या के जुर्म में नाथूराम गोडसे को 15 नवंबर 1949 ईस्वी को फांसी दी गई थी।


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